कॉकरोच जनता पार्टी के सह संयोजक सौरव दास दिल्ली के बेला एस्टेट पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए.
सौरव दास ने एक्स पर एक वीडियो जारी कर लिखा, “देखिए, ज्ञानेश कुमार के चुनाव आयोग ने कैसे सुनिश्चित किया कि दिल्ली की इस बस्ती में 909 लोगों में से एसआईआर के बाद सिर्फ एक व्यक्ति ही मतदाता सूची में बचा.”
उन्होंने लिखा, “यह दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली बेला एस्टेट बस्ती है. यह सिर्फ एक छोटा सा उदाहरण है कि ज्ञानेश कुमार ने देशभर में वास्तव में क्या किया है. भारत के लोगों के ख़िलाफ़ और यह सब एक राजनीतिक पार्टी की सेवा में किया गया.”
सौरव दास के मुताबिक़ पूरे भारत में मतदाता सूची से 13 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि साल 2024 में 98 करोड़ योग्य मतदाता थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर किया गया दुनिया का सबसे बड़ा मताधिकार छीनने का अभियान है.
उनका कहना है, “अब ये लोग और युवा पीढ़ी 10 अक्तूबर से ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी.”
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में यमुना किनारे स्थित बेला स्टेट बस्ती में रहने वाले उन लोगों से मिलने पहुंचे थे, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद वोटर लिस्ट हटा दिए गए हैं.
राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने कहा था, “दिल्ली के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अक्तूबर 2026 तक बढ़ा दी है.”
चुनाव आयोग ने जारी बयान में कहा कि अगर किसी पात्र मतदाता को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं मिलता है, तो वह निर्धारित घोषणा पत्र और ज़रूरी दस्तावेज़ों के साथ फॉर्म-6 भरकर खुद को नए मतदाता के रूप में पंजीकृत करा सकता है.
