चुनावी मौसम नहीं, 24 घंटे निरंतर पांच साल जनता के बीच रहने का संकल्प : संतोष महतो
रजरप्पा । झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने तथा रांची जिले के करीब 800 गांवों तक संगठन का विस्तार करने के उद्देश्य से पॉकेट मीटिंग का सिलसिला शुरू किया गया है। इन बैठकों के माध्यम से पार्टी के सिद्धांतों,विचारधारा और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सीधे आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
इसी दौरान रिंग रोड रांचीके दलादली चौक स्थित होटल रेन फोरेस्ट में संगठन विस्तार और आगामी जमीनी कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जेएलकेएम के फायर ब्रांड नेता एवं केंद्रीय सचिव संतोष महतो मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ जिला उपाध्यक्ष रेहान अंसारी, विजय महतो, राजू उरांव, दिलीप सिंह, रामू दा, सुधीर महतो, अरुण मुंडा, संदीप मुंडा, हनुख मिंज, संजय केरकेट्टा, फागु मुंडा, विजय उरांव और पूनम सवासी सहित संगठन से जुड़े कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में रांची जिले के लगभग 800 गांवों में संगठन की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके तहत बड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ छोटे स्तर पर पॉकेट मीटिंग, मोहल्ला बैठक और ग्रामीण संवाद को संगठन विस्तार का प्रमुख माध्यम बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि संगठन की वास्तविक ताकत केवल बड़े मंचों और चुनावी सभाओं से नहीं, बल्कि गांव-मोहल्लों में आम नागरिकों के बीच लगातार संवाद और उनकी समस्याओं को समझने से तैयार होती है। इसी सोच के साथ कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर लोगों से जुड़ने और उनके मुद्दों को संगठन के माध्यम से उठाने की दिशा में सक्रिय किया जा रहा है।
जेएलकेएम की पॉकेट मीटिंग में शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार और जनता का सम्मान जैसे आम आदमी से सीधे जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की बात कही गई। संगठन का प्रयास है कि राजनीतिक चर्चा केवल चुनाव और सत्ता तक सीमित न रहे,बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े सवालों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाया जाए।
संतोष महतो ने कहा कि जनता को केवल चुनाव के समय याद करना राजनीति नहीं हो सकती। जनता के बीच रहकर उनके सवाल सुनना, समस्याओं को समझना और समाधान के लिए आवाज उठाना ही संगठन की वास्तविक जिम्मेदारी है। बैठक में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि जेएलकेएम की राजनीतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियां केवल चुनावी माहौल तक सीमित नहीं हैं। संगठन का लक्ष्य 24 घंटे और निरंतर पांच साल जनता के बीच सक्रिय रहना है।
पॉकेट मीटिंग की पहल को इसी सोच का हिस्सा बताया गया। कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से छोटी बैठकों के माध्यम से लोगों से संपर्क स्थापित करें, स्थानीय समस्याओं को दर्ज करें और संगठन के सिद्धांतों को सरल भाषा में आम लोगों को समझाये l बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मजबूत राजनीतिक संगठन का आधार केवल चुनावी ढांचा नहीं बल्कि समाज के साथ निरंतर संपर्क है। इसलिए संगठन विस्तार की प्रक्रिया को गांव, टोला, मोहल्ला और स्थानीय स्तर तक ले जाने की योजना बनाई जा रही है।
बैठक में उपस्थित नेताओं ने कहा कि यदि संगठन को स्थायी रूप से मजबूत करना है तो कार्यकर्ताओं को जनता के बीच लगातार उपस्थित रहना होगा। इसी उद्देश्य से आने वाले समय में रांची जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पॉकेट मीटिंग का सिलसिला और तेज करने की बात कही गई। बैठक के माध्यम से कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया गया कि संगठन केवल चुनाव लड़ने की मशीनरी नहीं, बल्कि जनता के सवालों को आवाज देने और समाज के साथ निरंतर संवाद का माध्यम है। रांची के 800 गांवों तक पहुंचने की यह पहल इसी दीर्घकालिक संगठनात्मक रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
