वामन अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव पर भक्ति-संगीत में झूमे श्रद्धालु
रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। रामगढ़ जिमखाना क्लब रिजॉर्ट में रुंगटा परिवार के सानिध्य में स्वर्गीय रामचंद्र रूंगटा की पुण्य स्मृति में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान मंगलवार को भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा। परम श्रद्धेय आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज के श्रीमुख से नरसिंह अवतार, वामन अवतार एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा का श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक श्रवण किया।
कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल भक्तिभाव और उल्लास से भर उठा। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” तथा “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंजायमान हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण का जयकारा लगाते हुए भक्ति-संगीत पर भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
नरसिंह और वामन अवतार का सुनाया दिव्य प्रसंग
आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने नरसिंह अवतार की कथा का सुंदर वर्णन करते हुए भगवान के विभिन्न अवतारों के माध्यम से धर्म, सत्य, त्याग और भक्ति के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि जब-जब संसार में धर्म की मर्यादा और संतुलन की आवश्यकता होती है, तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतरित होकर भक्तों का कल्याण करते हैं।
वामन भगवान द्वारा राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने और इसके बाद भगवान द्वारा विराट स्वरूप धारण करने का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के माध्यम से आचार्य श्री ने बताया कि भगवान के समक्ष अहंकार का कोई स्थान नहीं है और सच्ची भक्ति में समर्पण का भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार में बच्चों को ऐसी शिक्षा देनी चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर बनें। उनमें राष्ट्रभक्ति, पितृभक्ति और मातृभक्ति का भाव हो। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को एक साथ बैठकर भगवान के चरणों में कम से कम एक बार अवश्य प्रार्थना करनी चाहिए। ऐसी भक्ति का भाव भगवान के प्रति रखना चाहिए।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालु
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगे फूलों, मटकी, बांसुरी एवं विद्युत सज्जा से पूरा पंडाल नंद भवन जैसा प्रतीत हो रहा था। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनोहारी झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। आचार्य द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग सुनाए जाने के साथ ही कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत किया। भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग अर्पित किया गया तथा बाल गोपाल की आरती की गई।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
कथा के मध्य आचार्य द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से भर दिया। “श्याम तेरी बांसुरी बजने लगी सारी-सारी रात, मैं तो जगने लगी” तथा “राधे-राधे बोलो, चले आएंगे बिहारी” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए। कथा पंडाल में चारों ओर “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष सुनाई देते रहे। बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर नजर आए।
नंदोत्सव में उमड़ा उल्लास
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साथ नंदोत्सव का आयोजन भी श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाई दी। नंदोत्सव के दौरान कथा स्थल आनंद और उत्सव के केंद्र में बदल गया। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि आचार्य के मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण की जन्मलीला का श्रवण करना अत्यंत भावपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव रहा। कथा के दौरान पूरा वातावरण भगवान की भक्ति और नाम संकीर्तन से ओतप्रोत रहा।
प्रमुख एवं विशिष्ट लोगों ने किया कथा श्रवण
कथा में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद मनीष जायसवाल, विधायक रोशन लाल चौधरी, पूर्व सांसद रांची अजय मारू, पूर्व विधायक जे. लंका (ओडिशा), एडीजी श्रीमती प्रिया दुबे, कुमार महेश सिंह, शहजाद अनवर, संजीव कुमार सिंह, डॉ. संजय सिंह सहित कई प्रमुख एवं विशिष्ट लोगों ने कथा का श्रवण किया। अतिथियों ने व्यासपीठ पर पहुंचकर आचार्य को प्रणाम किया तथा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। आचार्य ने भी अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर आशीर्वाद दिया। मुख्य यजमान
परिवार ने किया व्यासपीठ का पूजन
कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान माया रूंगटा, स्वर्गीय रामचंद्र रूंगटा की धर्मपत्नी, उनके पुत्र अभिषेक, आलोक एवं आशीष रूंगटा ने सपत्नीक एवं परिवार सहित व्यासपीठ का पूजन किया। परिवार के सदस्यों ने परम श्रद्धेय आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज का चंदन-वंदन, माल्यार्पण एवं अभिनंदन किया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और व्यासपीठ को
प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अगले दिन गोवर्धन पूजन एवं छप्पन भोग कथा के अगले दिवस भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का सुंदर प्रसंग सुनाया जाएगा। इस अवसर पर गोवर्धन पूजन एवं भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। कथा के मुख्य यजमान श्री आलोक रूंगटा ने रामगढ़ शहर की सभी धार्मिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों तथा नगर के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सपरिवार एवं इष्ट-मित्रों सहित कथा में शामिल होने का आग्रह किया।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा प्रारंभ होने से कम से कम 15 मिनट पूर्व कथा प्रांगण में अपना स्थान ग्रहण करने की अपील की, ताकि सभी श्रद्धालु कथा का पूर्ण आनंद एवं आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकें। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक रामगढ़ जिमखाना क्लब रिजॉर्ट में किया जा रहा है। आयोजक परिवार की ओर से नगर के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं को सपरिवार कथा श्रवण के लिए आमंत्रित किया गया है। अंत में श्रीमद्भागवत भगवान की आरती संपन्न हुई। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
